Gonu Jha Stories In Hindi

Gonu Jha Ki Kahani - Story Of Gonu Jha In Hindi

गोनू झा का जन्म दरभंगा जिला के अन्तर्गत 'भरौरा'' गाँव में लगभग पाँच सौ वर्ष पूर्व एक गरीब किसान परिवार में ऐसे समय हुआ था जब धर्मांधता और रूढ़िवादिता का बोलबाला था। बड़े जमींदार राजा कहलाते थे। दरबारियों के हाथ में शासन से प्रजा त्रस्त थी। चापलूस दरबारियों के चंगुल से प्रजा को बचाने में जहाँ गोनू झा का महत्त्वपूर्ण योगदान था, वहीं उन्होंने साधुओं के वेश में ढोंगियों से भी लोहा लिया। बिहार में गोनू झा की रोचक कथाएँ जन-जन की जुबान पर उसी प्रकार विद्यमान हैं, जिस प्रकार मिथिला-कोकिल विद्यापति के सुमधुर गीत सभी के कंठहार बने हुए हैं। गोनू झा की कथाएँ लोगों में ऐसी रच-बस गई हैं कि लोकोक्तियों का रूप धारण कर चुकी हैं। यहाँ गोनू झा की सभी तरह की कहानियां का बड़ा संग्रह है, एक बार जरूर पढ़े।

गोनू झा की कहानी - Gonu Jha Ke Kisse

गोनू झा और मीठा महाभोज पंडित, नाई और गोनू झा
गोनू झा का शास्त्रार्थ मुफ्त के मजदूर
ग्रह-दोष निवारण गोनू झा और लालची ढोलकदास
गोनू झा की कुश्ती दाढ़ी वाला अफसर
गोनू झा की चतुराई सरपंच गोनू झा
इनाम का साझीदार गोनू झा और दो ठग
गोनू झा और पड़ोसी का बछड़ा गोनू झा और मूर्खों की कविता
गोनू झा और गिरवी आंख गोनू झा की शिकारी बिल्ली
गोनू झा और जीवनदायिनी पहेली गोनू झा और उजाले का पेड़
गोनू झा और सच्ची गप्प गोनू झा और नौ का सौ
मेरे बेटे का नाम चोर गोनू झा और बमनपेंच (ब्राह्मण-पेंच)
गोनू झा और दो दोस्त गोनू झा और पाखंड का खेल
वरदान अंधभक्ति
पेड़ पर टॅंगा झोला कर्ज की वसूली
चुनौती पिंड छुड़ाया
जैसी करनी वैसी भरनी तहसीलदार की दाढी
टोकरी-भर धान आकाश में महल
झूठ का सच दरबारी कला
पासा पलट गया बंजर की जोताई
सुराही में कुम्हड़ा अग्रसोची
अधिक मूल्यवान् लेने के देने
चार सौ बीस ठोप बॅंटवारा
अंतिम उपदेश बख्शीश
भाँग का नशा संकट में होशियारी
स्वर्ग से बुलावा एक ही सुगंध
शेर का दूध बिना जड़ का पेड़
पहुनाई राजकीय मुद्रा
मिठाइयों का मूल दृष्टि-संपन्न
अप्रिय सत्य दूध का जला
स्वर-ताल पर कुश्ती गाय का बच्चा
मुँहमाँगा इनाम रात का भाव
इच्छा-भर मिठाई ऋणमुक्ति
नहले पे दहला पंच
जाहिल का फेर प्रसाद का समान वितरण